सिंघनपुर
रायगढ़ से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर भूपदेवपुर के पास है सिंघनपुर की प्रसिद्ध गुफाएँ।
पहाड़ पर कुछ दूरी तक मार्ग बनाये जाने के पश्चात भी बिना किसी जानकार व्यक्ति के इस स्थान तक पहुँच पाना कठिन है।
सिंघनपुर में दो प्रमुख गुफाओं के साथ ही अन्य गुफाएँ भी है इन तक सरलता से नही पहुँचा जा सकता।
गुफा के रहस्य और छुपे खजाने की कहानियों वाले इस पहाड़ की दो प्रमुख गुफाओं के अंदर झांकना भी भय उत्पन्न करने वाला अनुभव है, कहते है इनमें से एक के अंदर कुछ दूरी पर ठंडे पानी का नाला भी बह रहा है।
पहाड़ पर चबूतरे जैसे दिखने वाले स्थान पर है सिंघनपुर के शैलचित्र जिन चित्रों को आदिमकालीन मानवों के द्वारा बनाया गया है।
पहाड़ पर घने जंगल होने के कारण जंगली जानवरों से सतर्कता आवश्यक है यहाँ पर बंदर हिरण जैसे जानवर तो है ही साथ भी भालू जैसे माँसाहारी जानवर भी हैं इसके अलावा मधुमखियों का भी खतरा बना रहता है जिससे विशेषतः सावधान रहने की आवश्यकता होती है।
नीरज तेलंग
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